हँसी बिखरानी थी...A inspired one..
फूलों की दुकान पर एक फूल मुस्कुरा रहा था
बीमार बच्ची के लिए मै वो फूल ले जा रहा था
बड़ा ख़ुश था वो आज टूटकर अपनी साखों से
ख़ुशिया साफ झलक रही थी उसकी आँखो से,
वो मंद मंद मुस्काता ही जा रहा था,
अपनी ही धुन मे वो गाता ही जा रहा था,
आख़िर मैने पूछ ही लिया,क्यो इतने ख़ुश हो तुम,
वो कहने लगा धीरे से और होने लगा गुमशुम,
मुझे याद है जब मै बीज हुआ करता था,
सड़क के किनारे मिट्टी मे दबा रहता था,
कोई कुचल मुझे देता,कोई कचरे फेक देता,
कभी गाड़ी का धुआ मेरी साँसे रोक देता,
ये सब झेल कर मै बड़ा हुआ,
एक पौधा बनकर खड़ा हुआ,
फिर सूरज ने जलाया,हवा ने उड़ाया,बारिश ने भी मुझको खूब सताया,
पर लड़ता रहा मै सहता रहा मै,फूल बनकर मै निकल ही आया
ये सब झेलकर मै सोचता रहा,
किस्मत को अपनी मै कोसता रहा,
ऐसी जिंदगी का मतलब ही क्या है,
ये जीना नही हे,ये जीना सज़ा है,
फिर किसी ने तोड़ लिया मुझको,
कई और फुलो के साथ जोड़ दिया मुझको,
फिर कई राहों से होते हुए तेरे पास आया.
इस बच्ची से जीने का मतलब समझ आया,
मेरी अब तक की ज़िंदगी की इतनी सी कहानी थी
एक बच्ची के ओठों पे हँसी बिखरानी थी
फूलों की दुकान पर एक फूल मुस्कुरा रहा था
बीमार बच्ची के लिए मै वो फूल ले जा रहा था
बड़ा ख़ुश था वो आज टूटकर अपनी साखों से
ख़ुशिया साफ झलक रही थी उसकी आँखो से,
वो मंद मंद मुस्काता ही जा रहा था,
अपनी ही धुन मे वो गाता ही जा रहा था,
आख़िर मैने पूछ ही लिया,क्यो इतने ख़ुश हो तुम,
वो कहने लगा धीरे से और होने लगा गुमशुम,
मुझे याद है जब मै बीज हुआ करता था,
सड़क के किनारे मिट्टी मे दबा रहता था,
कोई कुचल मुझे देता,कोई कचरे फेक देता,
कभी गाड़ी का धुआ मेरी साँसे रोक देता,
ये सब झेल कर मै बड़ा हुआ,
एक पौधा बनकर खड़ा हुआ,
फिर सूरज ने जलाया,हवा ने उड़ाया,बारिश ने भी मुझको खूब सताया,
पर लड़ता रहा मै सहता रहा मै,फूल बनकर मै निकल ही आया
ये सब झेलकर मै सोचता रहा,
किस्मत को अपनी मै कोसता रहा,
ऐसी जिंदगी का मतलब ही क्या है,
ये जीना नही हे,ये जीना सज़ा है,
फिर किसी ने तोड़ लिया मुझको,
कई और फुलो के साथ जोड़ दिया मुझको,
फिर कई राहों से होते हुए तेरे पास आया.
इस बच्ची से जीने का मतलब समझ आया,
मेरी अब तक की ज़िंदगी की इतनी सी कहानी थी
एक बच्ची के ओठों पे हँसी बिखरानी थी

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