कुछ नए ख्वाब लेकर के मै kgp में आया था ,
Department मिला घासी थोड़ा तो पछताया था
पर धीरे धीरेदिन बीते ,यारों से थोड़ा करार हुआ
और रहते रहते घासी में ,घासी से मुझको प्यार हुआ
मेरे दोस्त थे और ,एक हॉल भी था
एक तुम भी थी ,एक बवाल भी था
जब हाथ तुम्हारा थामे मैं ,राहों में आगे बढ़ता था
ना जाने कब ये 2.2 ,8. 8 में बदलता था
अब सारे साथी बिछड़ रहे है ,तुम भी तो अब दूर रहोगी
टिक्का की चाय , vs में bye ,सारी बातें फ़ोन पे कहोगी
ये दिन अब न जाने कितने ,जन्मों बाद आएगा
मुझको kgp kgp kgp kgp ही याद आएगा
:-Wrote on the farewell of agfe dept iit kgp.
Department मिला घासी थोड़ा तो पछताया था
पर धीरे धीरेदिन बीते ,यारों से थोड़ा करार हुआ
और रहते रहते घासी में ,घासी से मुझको प्यार हुआ
मेरे दोस्त थे और ,एक हॉल भी था
एक तुम भी थी ,एक बवाल भी था
जब हाथ तुम्हारा थामे मैं ,राहों में आगे बढ़ता था
ना जाने कब ये 2.2 ,8. 8 में बदलता था
अब सारे साथी बिछड़ रहे है ,तुम भी तो अब दूर रहोगी
टिक्का की चाय , vs में bye ,सारी बातें फ़ोन पे कहोगी
ये दिन अब न जाने कितने ,जन्मों बाद आएगा
मुझको kgp kgp kgp kgp ही याद आएगा
:-Wrote on the farewell of agfe dept iit kgp.
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