वक़्त थामता क्यो नही.....
ये हसीन सी राते,
अधूरी मुलाक़ते,
चाय के गर्म प्याले,
और खट्टी मीठी बाते,
इतना कुछ जीने मे,मन संभालता क्यो नही.
ये होना बड़ा अच्छा है,वक़्त थामता क्यो नही
वो 3 बजे सोना,
वो सपना एक सलोना ,
फिर देर से उठना,
और क्लास के लिए रोना
रोज़ का किस्सा है,कुछ बदलता क्यो नही..
ये होना बड़ा अच्छा है वक़्त थामता क्यो नही..
एग्ज़ॅम्स का आना,
थोड़ा सा डर जाना,
थोड़ा पढ़ना,फिर उब जाना
कॉफ़ी पीने के लिए नींद का बहाना,
फिर भी मन पढने का ,कुछ बनता क्यो नही..
ये होना बड़ा अच्छा है वक़्त थामता क्यो नही......
ये हसीन सी राते,
अधूरी मुलाक़ते,
चाय के गर्म प्याले,
और खट्टी मीठी बाते,
इतना कुछ जीने मे,मन संभालता क्यो नही.
ये होना बड़ा अच्छा है,वक़्त थामता क्यो नही
वो 3 बजे सोना,
वो सपना एक सलोना ,
फिर देर से उठना,
और क्लास के लिए रोना
रोज़ का किस्सा है,कुछ बदलता क्यो नही..
ये होना बड़ा अच्छा है वक़्त थामता क्यो नही..
एग्ज़ॅम्स का आना,
थोड़ा सा डर जाना,
थोड़ा पढ़ना,फिर उब जाना
कॉफ़ी पीने के लिए नींद का बहाना,
फिर भी मन पढने का ,कुछ बनता क्यो नही..
ये होना बड़ा अच्छा है वक़्त थामता क्यो नही......
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