बिछड़ जाना
सबसे मिलकर भी
भटक जाना
रास्तों पे होकर भी
सहम जाना
सख्त होकर भी
होश में
लडखडाना और बहक जाना
बुरा होता है कभी कभी
कभी हार जाना
लाख कोशिश के बाद भी,
छुट जाना खुद से
ज़माने से आगे रहकर भी
सब कुछ सह जाना
और कुछ ना कहना भी
समेट कर खुदको
टूट जाना और बिखर जाना
बुरा होता है कभी कभी
ये कभी कभी जो बुरा होता है
और बहुत ही बुरा लगता है तुम्हे
समझ सकता हूँ मैं,
ये दौर जो छीन लेता है तुमसे
जीने की चाहत , मार देता है तुम्हे
समझ सकता हूँ मैं
पर तुम नहीं समझते की
जब भी तुम जाते हो दुनिया छोड़कर
तो कभी अकेले नहीं जाते
छोड़ जाते हो कई रिश्तों की लाशें
जो कभी दफनाई नही जा सकती
तुम्हारी यादों के कारण,
और तुम जब भी जाते हो
ले जाते हो संग अपने
वो सारी हसीं ,खुशी और उम्मीदें
जो तुम्हारे होने से होती है
इसलिए मैं ये समझता हूँ
और चाहता हूँ की तुम भी समझो
की ज़न्दगी बुरी होती ही है
तुम्हे अच्छा बनाने के लिए
तुम्हे परखने के लिए
तुम्हे सजाने के लिए
तो कुछ भी करने से पहले
बस इतना जान लो
"ये जो बहुत बुरा लगता है ना तुम्हे
कितनों के अच्छे से कहीं ज्यादा अच्छा है | "
#STOP_SUICIDE
No comments:
Post a Comment