सावन से या तेरी आँखों से
हो वो बरसात एक ही है
वक्त की ख़ामोशी और तेरा चुप रहना
कहने को वो रात एक ही है
झरनों का शोर और तेरा चहकना
सुन लो तो साज़ एक ही है
अब हवाएं चले ,या तेरी जुल्फें उड़े
नजारों का साथ एक ही है
ये गहरा समंदर, तेरी नीली आंखे
डुबो तो बात एक ही है
चाँद हो या फिर तेरी हसीं हो
देखो तो बात एक ही है
ये आसमां और तेरी खुली बाहें
सिमटो तो अहसास एक ही है
अब सांसे मिले या तेरा साथ मिले
मेरे जीने की बात एक ही है



