Find us on facebook

Click the post title to share individual post

To share a specific post first on click the post title and then press the share button.

Monday, 10 February 2014

"फिर से उस किनारे पर उसने पैर उतारा होगा"








वो दूर जाकर के मुझसे ,आज खुश बहुत था
सोच कि जुदा होने का ऐसा भी नज़ारा होगा

हर तरफ आज उसकी जीत का जश्न है
कोई शख्स आज फिर कहीं पे हारा होगा

तू पूछता है खुद से तेरी ज़िन्दगी का मकसद
किसी शख्स के लिए एक तू ही सहारा होगा 

वो आज भी बहुत गम में था हमेशा की तरह
फिर किसी की बुझी आँखों को सवांरा होगा

उसकी आँखे बंद देखकर वो आज बहुत रोया है
 बेशक ही वो उसका कोई बहुत प्यारा होगा

मेरे कानों में ना जाने ये आहट कैसी है
कही दूर किसी ने मुझको पुकारा होगा

"इस  तालाब के पानी में आज फिर हलचल हुई है
फिर से उस किनारे पर उसने पैर उतारा  होगा "

















No comments:

Post a Comment

Comment using facebook