मै उठ आया हूँ उस कैंटीन से ,
और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
जिसे मंगाया था मैंने बड़े शौक से ,जिसे खाना चाहता था
मेरी चाहत जससे मै अपनी जरुरत मिटाना चाहता था
मैंने छोड़ दिया उसे , मेरी चाहत से वो थोडा कमतर था ,
पर भूख मिटाने को बना था वो ,मिटा देता तो बेहतर था,
मै उठ आया हूँ उस कैंटीन से ,
और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
पर उस आधे ब्रेड का ख्याल अब तक हलक पर अटका हुआ है
उसे छोड़ देना क्या सही था ,दिल इसी बात पर भटका हुआ है
वो काम आ सकता था किसी और के,मै कोशिश कर लेता तो अच्छा था
एक भूख तो मिटा सकता था वो ,कूड़ेदानो में तो जाने से अच्छा था
मै उठ आया हूँ उस कैंटीन से ,
और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
वो टुकड़ा देखकर के मुझको ,अब मुझसे फरियाद कर दिया और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
जिसे मंगाया था मैंने बड़े शौक से ,जिसे खाना चाहता था
मेरी चाहत जससे मै अपनी जरुरत मिटाना चाहता था
मैंने छोड़ दिया उसे , मेरी चाहत से वो थोडा कमतर था ,
पर भूख मिटाने को बना था वो ,मिटा देता तो बेहतर था,
मै उठ आया हूँ उस कैंटीन से ,
और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
पर उस आधे ब्रेड का ख्याल अब तक हलक पर अटका हुआ है
उसे छोड़ देना क्या सही था ,दिल इसी बात पर भटका हुआ है
वो काम आ सकता था किसी और के,मै कोशिश कर लेता तो अच्छा था
एक भूख तो मिटा सकता था वो ,कूड़ेदानो में तो जाने से अच्छा था
मै उठ आया हूँ उस कैंटीन से ,
और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
की मै चाहत तो ना था तेरा ,क्यों मुझे बर्बाद कर दिया
तृप्त करके एक उदर को ,मै किसी के काम आना चाहता था,
प्लेट पर ही गल बसू ,ना ये कुठित अंजाम पाना चाहता था
रात हो गई ,जागता मै ,सोचता हूँ उसका दुखड़ा
मै उठ आया हूँ उस कैंटीन से ,
और छोड़ आया हूँ वहाँ प्लेट पर रखा ब्रेड का एक टुकड़ा ,
(They seem LIFELESS but they have LIFE ,they say something,if u can hear it.)
#chedis

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