POETRY LIVES ON PEOPLE'S FACE,CRUCIAL CIRCUMSTANCES,AND EXOTIC MOMENTS...WHAT I DO IS JUST READ THEM AND GIVE THEM WORDS.....
जिसे लौट के आना था वो अब तक नहीं लौटा। अब गलियों के दामन में साँझ हो गई है।। किसी से मिल भी जाये तो नया रिश्ता नही बनता । ये निगाहें एक मुद्दत से बाँझ हो गई है।।