"नफरत और खौफ की दुनिया में ,ओहदे पर खून बहाते है
क्या जात-पात और क्या मज़हब ,ईमान सभी ढल जाते है
आँखों में जो डर दिखता है , मज़बूर उसे कर जाता है
हालात बदलते हैं फिर तो , इंसान भी बदल जाते है " ...
क्या जात-पात और क्या मज़हब ,ईमान सभी ढल जाते है
आँखों में जो डर दिखता है , मज़बूर उसे कर जाता है
हालात बदलते हैं फिर तो , इंसान भी बदल जाते है " ...