तेरे हिस्से का वही खाली वक़्त ,जिस पर तेरी यादों का
पहरा होता है ,
तेरी बच्चों सी वो बाते याद आती है,और तेरा हँसता हुआ चेहरा होता है ,
तेरी बच्चों सी वो बाते याद आती है,और तेरा हँसता हुआ चेहरा होता है ,
POETRY LIVES ON PEOPLE'S FACE,CRUCIAL CIRCUMSTANCES,AND EXOTIC MOMENTS...WHAT I DO IS JUST READ THEM AND GIVE THEM WORDS.....