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Thursday, 29 August 2013



फिर एक हसीन शाम आकर इन खिड़कियो से झाँके  ,
ये बारिश ,ये बुँदे ,और वो भीगी सी  आंखे


"ख़ामोशी किसी भी चेहरे पर लिखी सबसे अच्छी कविता होती है ,अगर आपमें उसे पढ़ पाने का हुनर हो तो "

Friday, 23 August 2013



मकड़ी के जालों की तरह , उलझी हुई है ज़िन्दगी ,
जो सुलझाने लगूंगा तो ,टूट के बिखर जाएगी ,

Saturday, 3 August 2013



ज़िन्दगी के समुंदर को तैर के पार करो ,
वरना बह के तो पत्ता भी पार हो जाता है ,

#‎Happyfriendshipday‬

Thursday, 1 August 2013

तब मेरा होना दुनिया में ,मुझको अच्छा लगता है




जब थकी थकी सी बातों  में ,एक दर्द ज़रा सा रहता है
माँ दिनभर काम भी करती है ,और थकन रगों में बहता है
जब थके पांव की आहत को ,मै राहत कुछ पहुचाता हूँ 
माँ गुस्सा जब हो जाती है ,मै भी थोडा सकुचाता  हूँ 

जब मुझे देखकर माँ का चेहरा मुस्कानों से सजता है
तब मेरा होना दुनिया में मुझको अच्छा लगता है

जब बाबा काम  से आते है ,माँ पर थोडा झुंझलाते है
घर की चिंता जब करते है ,गुस्सा थोडा कर जाते है
जब मुझसे कहते है बेटा ,अब तू ही एक सहारा है
अब काम नही होगा मुझसे ,अब फ़र्ज़ ये तेरा सारा है

जब मुझसे उनकी उम्मीदों का सपना फिर से जगता  है
तब मेरा होना दुनिया में मुझको अच्छा लगता है

जब बहना मुझसे कहती है की ,मुझको  घुमने जाना है
भाई मेरा कह जाता है जब ,मुझको उसे पढ़ाना है
जब यार मेरे संग रहते है ,सब मिल कर मस्ती करते है
कुछ भी अनहोनी हो जाये ,सब एक साथ ही सहते  है

जब मेरी खातिर इन रिश्तों में ,रंग प्यार का रचता है
तब मेरा होना दुनिया में मुझको अच्छा लगता है

जब एक पागल लड़की मुझसे ,छुप छुप मिलने को आती है
डरती भी है ,लडती भी है ,मुझसे यूहि रूठ जाती है
जब उसे मनाने लगता हूँ ,जब नखरे बहुत दिखाती है
फिर प्यारी बाते करती है ,और आखिर मान ही जाती है

जब उसकी आँखों से सब हटकर , मेरा चेहरा बचता है
तब मेरा होना दुनिया में ,मुझको अच्छा लगता है 

It's blogger's birthday poem........









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